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JPNIC को 30 साल की लीज पर निजी हाथों में सौंपना जनहित के खिलाफ: आशुतोष सिन्हा

Hamari sevaye

वाराणसी, 26 अगस्त। लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी कंसोर्टियम को 30 वर्ष की दीर्घकालीन लीज पर दिए जाने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कड़ी आपत्ति जताई है।

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आशुतोष सिन्हा ने कहा कि JPNIC महज एक व्यावसायिक संपत्ति नहीं है, बल्कि जनता के धन से निर्मित महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति है। यह लोकनायक जय प्रकाश नारायण के लोकतांत्रिक संघर्ष और विरासत से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि परियोजना की लागत करीब 265.58 करोड़ रुपये से बढ़कर 864.99 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ऐसे में केंद्र को निजी हाथों में सौंपने से पहले निर्माण लागत, व्यय, वित्तीय व्यवस्था और लीज की शर्तों से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि उनकी अध्यक्षता में ACM प्रथम अवधेश कुशवाहा को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से JPNIC को निजी लीज पर देने के फैसले पर पुनर्विचार करने, निर्माण एवं व्यय की स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा पूरी लीज प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।

आशुतोष सिन्हा ने कहा कि JPNIC को व्यावसायिक केंद्र बनाने के बजाय लोकनायक जय प्रकाश नारायण के जीवन, संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक विचारधारा को समर्पित राष्ट्रीय संस्थान के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कायस्थ समाज समेत लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों की भावनाओं का भी सम्मान किया जाना जरूरी है।

ज्ञापन के दौरान ई. राहुल सिंह, मायापति यादव, रिज़वान खान, विकास श्रीवास्तव, ईशान श्रीवास्तव, अर्पित श्रीवास्तव, अश्वनी सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, पवन राय, सैफ अंसारी और विक्रांत त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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